Facts About Amavasya Revealed
ओम नमो आदेश गुरु का। गिरह-बाज नटनी का जाया, चलती बेर कबूतर खाया, पीवे दारू खाय जो मांस, रोग-दोष को लावे पांस। कहां-कहां से लावेगा ? गुदगुद में सुद्रावेगा, बोटी-बोटी में से लावेगा, चाम-चाम में से लावेगा, नौ नाड़ी बहत्तर कोठा में से लावेगा, मार-मार बंदी कर लावेगा। न लावेगा तो अपनी माता की सेज पर पग रखेगा। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें।
जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.
शत्रु नाशक मंत्र : शत्रु नाशक काली मंत्र प्रयोग विधि और कवच check here
तंत्र मंत्र चन्द्र मंत्र : चन्द्र मंत्र का जाप कैसे करे?
मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।
पतने पानी करे। गुआ करे। याने करे। सुते करे।
जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।
साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।
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नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।
ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।
तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.
विचार शुद्ध करने के लिये : विचार शुद्धि के लिए मंत्र...